कांकेर , फरवरी 17 -- प्रतियोगी परीक्षाओं में जिले के विद्यार्थी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, इसके लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) 22 फरवरी को आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा के मद्देनजर आज यहां 'हमर लक्ष्य अभियान' के तहत एक प्रेरणादायक कार्यशाला एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित परीक्षार्थियों एवं छात्रों को संबोधित करते हुए कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए स्पष्ट रणनीति और सकारात्मक दृष्टिकोण सबसे आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के दौरान सबसे पहले पाठ्यक्रम को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए और उसके अनुरूप अध्ययन योजना बनानी चाहिए। कलेक्टर ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि नकारात्मक विचारों और तनाव से दूर रहकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना ही सफलता की दिशा तय करता है।
उन्होंने कहा, "आत्मविश्वास में वृद्धि और समय प्रबंधन का सही उपयोग ही परीक्षा में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करता है।"इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी ने भी परीक्षार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने से परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपनी तैयारी में किसी भी प्रकार की कमी न आने दें और नियमित रूप से स्वयं का मूल्यांकन करते रहें। सीईओ ने कहा कि सफलता कोई अंतिम पड़ाव नहीं बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए विद्यार्थी सीखने की इस प्रक्रिया का आनंद लें।
कार्यशाला के दौरान संवादात्मक सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित युवाओं ने कलेक्टर और सीईओ से कई सवाल पूछे। परीक्षा की तैयारी, समय प्रबंधन और करियर को लेकर पूछे गए इन सवालों के उत्तर पाकर सभी छात्र बेहद खुश नजर आए। इस संवाद ने युवाओं के मन में चल रही उलझनों को दूर करने का काम किया।
इस अवसर पर कलेक्टर क्षीरसागर ने जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी योजना 'मावा मोदोल' के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से जिले के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन दिया जा रहा है। समय-समय पर ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जा रहा है ताकि छात्रों का मनोबल बढ़ता रहे।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जिले के युवाओं को बेहतर शिक्षा प्रदान कर उन्हें एक नई दिशा दी जाए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी समय में जो भी बच्चे सीजीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर लेंगे, उनके लिए मुख्य (मेंस) परीक्षा की तैयारी हेतु ठहरने और निःशुल्क कोचिंग की सुविधा भी प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल से जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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