पटना , जनवरी 31 -- प्रदेश में वायु प्रदूषण कम करने के लिये बिहार राज्य परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) स्वच्छ और पर्यावरण- अनुकूल परिवहन को बढ़ावा दे रहा है, जिसके तहत 884 बसें संचालित हैं, जिनमें 366 सीएनजी और 25 ई- बसें शामिल हैं।

निगम के आधिकारिक सूत्रों अनुसार, ई- बसों के परिचालन से अब तक लगभग 25.67 लाख लीटर डीजल की बचत हुई है, वहीं करीब 6,778 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। इससे परिवहन जनित प्रदूषण में लगभग 30 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। डीजल बसों की तुलना में ई- बसों और सीएनजी बसों से वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है।

पीएम ई- बस सेवा योजना के तहत राज्य को जल्द ही करीब 400 नई ई- बसें मिलने वाली हैं। इनके परिचालन से डीजल और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता और घटेगी, कार्बन फुटप्रिंट कम होगा और शहरी और अर्ध- शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ, शांत और पर्यावरण- अनुकूल परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इसके साथ ही बीएसआरटीसी प्रदेश के 17 बस डिपो और बस स्टैंडों में कम से कम 30 प्रतिशत क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित कर रहा है। इस योजना के तहत व्यापक वृक्षारोपण, हरित पट्टियों का निर्माण, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट, भवन प्रकाश व्यवस्था और पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन अपनाये जा रहे हैं।

यात्रियों को सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निगम चरणबद्ध तरीके से ई- बसों के लिये चार्जिंग संरचना भी विकसित करेगा।

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