फगवाड़ा , अक्टूबर 22 -- पंजाब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अध्यक्ष डॉ अवतार सिंह करीमपुरी ने गुरुवार को पंजाब संभालो मुहिम के तहत राज्य सरकार से पराली के प्रबंधन और निपटारे की पूरी जिम्मेदारी लेने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि पराली जलाने की समस्या का समाधान किसानों पर जुर्माना लगाने और पुलिस मामले दर्ज करने से नहीं, बल्कि आर्थिक सहायता, पर्याप्त संसाधन और व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध कराने से निकलेगा।

डॉ करीमपुरी ने कहा कि पराली जलाने से वायु गुणवत्ता, पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए किसानों की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है। धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच कम समय होने के कारण किसानों पर खेत जल्द खाली करने का दबाव रहता है। पराली के प्रबंधन, मशीनों, संग्रह और परिवहन पर होने वाला खर्च छोटे तथा आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि खेतों से पराली हटाने के लिए गांठें बनाने, उन्हें एकत्र करने और निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था सरकार अपने खर्च पर करे। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे पराली के पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित होंगे।

डॉ करीमपुरी ने पराली नहीं जलाने वाले किसानों को प्रति एकड़ पर्याप्त आर्थिक सहायता या बोनस देने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि किसानों से पर्यावरण संरक्षण की अपेक्षा करने के साथ उन्हें इसके लिए जरूरी संसाधन और किफायती विकल्प उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने पराली जलाने के आरोप में किसानों के खिलाफ पुलिस मामले दर्ज करने, जुर्माना लगाने और राजस्व रिकॉर्ड में लाल प्रविष्टियां करने जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों पर पुनर्विचार करने की मांग की। उनके अनुसार, सरकार को कार्रवाई पर अधिक निर्भर रहने के बजाय किसानों से संवाद करना चाहिए और उन्हें मशीनरी, आर्थिक सहायता तथा पराली निपटान की प्रभावी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।

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