चंडीगढ़ , अक्टूबर 14 -- शिरोमणि अकाली दल पुनर्सुरजीत के महासचिव गुरप्रताप सिंह वडाला ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे हत्या के पीछे कथित साजिश का खुलासा हो सकेगा।
श्री वडाला ने बुधवार को दावा किया कि गोली चलाने से पहले आरोपी किसी से फोन पर बात करता दिखाई देता है। इससे संदेह पैदा होता है कि उसे फोन पर गोली चलाने का निर्देश दिया गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह के निर्देश पर संगठन ने अपनी मांगों को लेकर जिला उपायुक्तों के माध्यम से पंजाब और केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपे हैं।
उन्होंने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल तथा मंडियों में रखे धान को हुए नुकसान के लिए विशेष गिरदावरी कराकर पूरा मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों का पूरा धान निर्धारित छूट वाले मानकों (यूआरएस) के तहत खरीदने के लिए नमी और खराब दानों की सीमा में छूट दी जाए। उन्होंने पंजाब के चावल मिल मालिकों को हरियाणा की तर्ज पर धान की मिलिंग के लिए 30 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने और चावल की निर्धारित उपज (यील्ड) के मानकों में छूट देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि राज्य में भंडारण क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि पिछले साल पंजाब के मिल मालिकों को चावल रखने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू में जगह तलाशनी पड़ी थी।
श्री वडाला ने केंद्र सरकार से हाइब्रिड धान में टूटे दानों की स्वीकार्य सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर फिर 25 प्रतिशत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले साल धान खरीद की सीमा 190 लाख मीट्रिक टन थी, जिसे इस साल घटाकर 180 लाख टन कर दिया गया है। उनके अनुसार, इस बार उत्पादन 200 लाख टन से अधिक होने की संभावना है, इसलिए खरीद सीमा घटाने के बजाय इसे बढ़ाया जाना चाहिए।
श्री वडाला ने कहा कि किसान, आढ़ती और चावल मिल मालिक पंजाब की कृषि विपणन व्यवस्था के अहम हिस्से हैं। उनकी मांगों को पूरा करने से इन वर्गों के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए सरकार से सभी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित