पन्ना , अक्टूबर 26 -- प्रणामी संप्रदाय के प्रमुख तीर्थ पद्मावतीपुरी धाम पन्ना में अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव के दौरान रविवार रात आस्था, प्रेम और भक्ति का संगम देखने को मिला। पूर्णिमा की चांदनी में महामति श्री प्राणनाथ जी मंदिर परिसर स्थित ब्रह्म चबूतरे पर देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु भजन-कीर्तन में लीन नजर आए। आधी रात को बंगला जी मंदिर दरबार साहब से श्री राज जी महाराज की सवारी रासमंडल के लिए निकली तो पूरा धाम जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर होकर झूमते और नृत्य करते रहे।
शरद पूर्णिमा की रात श्री राज जी महाराज की दिव्य सवारी के दर्शन का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस अवसर पर अमृत वर्षा होती है। इसी आस्था के चलते लोग घरों की छतों पर चांदनी में खीर रखकर सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। पन्ना धाम में महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के बीच रात में ही खीर का प्रसाद वितरित किया गया, जिसे भक्तों ने श्रद्धा और प्रेम के साथ ग्रहण किया।
महोत्सव में अनेकता में एकता की झलक भी देखने को मिली। गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। नेपाल, अमेरिका और कनाडा से भी सुंदरसाथ शामिल हुए। अलग-अलग भाषाओं, वेशभूषाओं और क्षेत्रों से आए श्रद्धालु एक साथ भजन-कीर्तन करते नजर आए। आयोजन में जाति, भाषा और क्षेत्र के भेद से परे आध्यात्मिक एकता का संदेश दिखाई दिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित