पन्ना, अक्टूबर 17 -- मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में केन-बेतवा, मझगाँय, रुंज और ललितपुर सिंगरौली रेल लाइन परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों के न्याय और अधिकारों के लिए चल रहे चिता आंदोलन के 36वें दिन तथा सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के आमरण अनशन के 21वें दिन वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आंदोलन स्थल बहनरीकला की टपरियन पहुंचकर भाजपा सरकार और उसकी नीतियों पर तीखा हमला बोला। इस दौरान युवक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, राजनगर के पूर्व विधायक विक्रम सिंह उर्फ नाती राजा सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता उपस्थित रहे।

श्री वर्मा ने कहा कि अपने हक-अधिकारों और उचित मुआवजे के लिए आदिवासी महिलाओं को जीवित रहते चिताओं पर लेटना पड़ रहा है, गले में फांसी के फंदे डालकर विरोध करना पड़ रहा है लेकिन भाजपा के जिन नेताओं को जनता ने वोट देकर सत्ता तक पहुंचाया, वे कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि देश के मूल निवासी आदिवासियों को अपने ही जल, जंगल, जमीन, घर और अधिकारों के लिए इस तरह संघर्ष करना पड़ रहा है। आंदोलन की तस्वीरें पूरी दुनिया में जा रही हैं, जो देश की प्रतिष्ठा और सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

उन्होंने दिव्या अहिरवार की गिरफ्तारी और आदिवासी-किसान आंदोलनकारियों पर दर्ज झूठे मामलों को लेकर भी कड़ी नाराजगी जताई। श्री वर्मा ने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे आदिवासियों और किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करना शर्मनाक है। उन्होंने दिव्या अहिरवार को न्याय दिलाने और आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता उनके न्याय और अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।

अमित भटनागर के लगातार जारी आमरण अनशन और गिरते स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री वर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल हस्तक्षेप कर मामले का समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब वह कैबिनेट में मंत्री थे तब उज्जैन के प्रभारी थे। उस समय वह मोहन यादव के कार्य को प्राथमिकता से करते थे इसलिए उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री उनकी बात पर ध्यान देंगे और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएंगे।

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