सतना , मार्च 1 -- पद्मश्री से अलंकृत प्रख्यात नेत्र चिकित्सक डॉ. बी.के. जैन आज चित्रकूट की तपोभूमि पर पंचतत्व में विलीन हो गए। जिस धरती पर उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सेवा को समर्पित किया, उसी धरा पर उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
परम पूज्य संत रणछोड़ दास जी के करकमलों द्वारा स्थापित श्री सदगुरु सेवा संघ के ट्रस्टी एवं सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक रहे डॉ. जैन ने लाखों नेत्रहीनों के जीवन में उजाला पहुंचाया। उनकी अंतिम यात्रा चिकित्सालय परिसर से रघुवीर मंदिर होते हुए एसपीएस ग्राउंड पहुंची, जहां उन्हें तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सतना, पुलिस अधीक्षक सतना, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत, गणमान्य नागरिक, सदगुरु परिवार के ट्रस्टीगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। उनके दोनों पुत्र जिनेश जैन और डॉ. इलेश जैन ने उन्हें मुखाग्नि दी।
उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी 2026 को गंभीर बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। वे पिछले कई महीनों से अस्वस्थ थे और मुंबई में उनका उपचार चल रहा था।
डॉ. जैन के मार्गदर्शन में चित्रकूट में तारा नेत्रदान यज्ञ के रूप में जो सेवा का बीज बोया गया था, वह आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है। टेंट और टीन शेड के नीचे प्रारंभ हुए नेत्र शिविर आज सुव्यवस्थित अस्पताल के रूप में स्थापित हैं। उनके प्रयासों से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों को मोतियाबिंद मुक्त घोषित कराने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
सतना जिले में जन्मे डॉ. जैन ने प्रारंभिक शिक्षा शासकीय व्यंकट क्रमांक-1 विद्यालय से प्राप्त की। वर्ष 1973 में श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा से चिकित्सा स्नातक तथा 1979 में लोकमान्य तिलक चिकित्सा महाविद्यालय, सायन से नेत्र रोग में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं के बावजूद उन्होंने सेवा का मार्ग चुना और चित्रकूट पहुंचकर ग्रामीण अंचलों में नेत्र चिकित्सा की क्रांति की नींव रखी।
चिकित्सा एवं अंधत्व निवारण के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें देश-विदेश में कई सम्मानों से नवाजा गया। 27 मई 2025 को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उन्हें पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया गया था। उनके निधन से चित्रकूट सहित समूचे विंध्य अंचल में शोक की लहर है। संत समाज, जनप्रतिनिधियों और आमजन ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित