रायपुर , अगस्त 27 -- पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी एवं पंथी गायिका डॉ. उषा बारले ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल को राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया।
इस अवसर पर मंत्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। राखी का पवित्र धागा रिश्तों की गरिमा बनाए रखने और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत में भाई-बहन के प्रेम तथा पारिवारिक रिश्तों को विशेष स्थान प्राप्त है। प्रदेश की संस्कृति पर्व-त्योहारों के माध्यम से समाज को जोड़ने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देती है।
मंत्री अग्रवाल ने डॉ. बारले द्वारा राखी बांधे जाने को आत्मीय क्षण बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रतिभा से देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली डॉ. बारले का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए विशेष सम्मान की बात है। यह राखी केवल पर्व की रस्म नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और विश्वास की खूबसूरत डोर है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, लोककला, परंपराओं और आपसी भाईचारे से है। राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पर्यटन मंत्री ने प्रदेशवासियों से रक्षाबंधन के अवसर पर रिश्तों को और मजबूत करने, परिवार एवं समाज में प्रेम और सद्भाव बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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