दरभंगा , अगस्त 06 -- िहार में दरभंगा जिले की एक अदालत ने प्रेम प्रसंग में पति की निर्मम हत्या करने के मामले में पत्नी समेत दो दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दशम) आदिदेव की अदालत ने सिमरी थाना क्षेत्र के कमरौली निवासी संगीता देवी और उसके कथित प्रेमी कुंदन कुमार उर्फ बजरंगी दास को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोनों दोषियों को एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि सिमरी थाना कांड संख्या 147/23 से संबंधित सत्रवाद संख्या 675/23 में अदालत ने रामाशीष साह के 40 वर्षीय पुत्र राम कुमार साह की हत्या के मामले में उसकी ही पत्नी संगीता देवी और उसके प्रेमी कुंदन दास उर्फ बजरंगी दास को दोषी करार दिया था।
अभियोजन पक्ष का संचालन कर रहे सहायक लोक अभियोजक दिलीप कुमार साह ने बताया कि गुरुवार को सजा के बिंदु पर अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों के गहन परीक्षण के बाद अदालत ने दोनों दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार, 21 जुलाई 2023 की रात सिमरी थाना क्षेत्र के कमरौली गांव स्थित कुमरपट्टी चौर में एक मुर्गी फार्म पर राम कुमार साह अपने बेटे से मिलने गया था जहां उसकी पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। इस संबंध में मृतक के पिता रामाशीष साह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
श्री साह ने बताया कि घटना के दिन राम कुमार साह के बच्चे का जन्मदिन था और वह जन्मदिन मनाने के लिए पर अपनी पत्नी के पास मुर्गी फार्म गया था। आरोप है कि पांच बच्चों की मां संगीता देवी का कुंदन दास के साथ प्रेम प्रसंग था और वह अक्सर मुर्गी फार्म पर ही अपने प्रेमी के साथ रहती थी। अभियोजन के अनुसार, मारपीट के दौरान राम कुमार की आंख भी फोड़ दी गई थी। गंभीर चोटों के कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल दस गवाहों की गवाही कराई तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपितों के विरुद्ध आरोप साबित करने में सफल रहा। श्री साह ने बताया कि दोनों दोषी घटना के समय से ही जेल में बंद हैं।
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