आणंद , जनवरी 30 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को आणंद के भादरण में आयोजित समारोह से राज्य की 2666 ग्राम पंचायतों के लिए उनके अपने ग्राम पंचायत घर-सह-पटवारी आवासों का एक साथ एक ही स्थान से ई-शिलान्यास किया।

श्री पटेल ने शहीद दिवस 30 जनवरी तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में पूज्य बापू को श्रद्धांजलि देकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों का भाव स्मरण किया।

उन्होंने कहा कि गांधीजी ने ग्राम स्वराज का संदेश देकर गांवों को स्वतंत्र एवं आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग दर्शाया था। उनकी यह विचारधारा आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत बनी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के लिए गांवों के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जो फोकसकिया है, उसमें गुजरात अग्रसर रहने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति का दिया गया सेचुरेशन अप्रोच गुजरात में साकार करने के लिए राज्य सरकार ने आगामी दिनों में राज्य की सभी ग्राम पंचायतों को उनके अपने पंचायत घर-सह- पटवारी आवास देने का निर्णय किया है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन 2666 गांवों में कुल 663 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ग्राम पंचायत घर-सह-पटवारी आवासों के परिणामस्वरूप ग्रामीण नागरिकों को स्थानीय स्तर से ही सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। उन्होंने इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण गृह निर्माण मंत्री ऋषिकेशभाई पटेल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमणभाई सोलंकी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री संजयसिंह महिडा और अन्य महानुभावों की उपस्थिति में 'मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना' की राज्यव्यापी लॉन्चिंग भी की।

श्री पटेल ने कहा कि राज्य के 114 तहसील मुख्यालयों वाले ऐसे गांव, जो तहसील मुख्यालय हैं, लेकिन नगर पालिका नहीं हैं, को 'मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना' के पहले चरण में समाविष्ट कर रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर, पानी, स्वच्छता, सोलर स्ट्रीट लाइट, ई-ग्राम, कम्युनिटी हॉल आदि शहरी समकक्ष आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने जोड़ा कि शहरों पर बोझ कम हो तथा शहरों जैसी सुविधाएं गांवों में मिलें, इस आशय से आगामी समय में राज्य में 10 हजार से अधिक जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को 'मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना' अंतर्गत लाने का राज्य सरकार का लक्ष्य है। इसके फलस्वरूप ग्रामीण एवं शहरी विकास के बीच अंतर घटेगा तथा 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' का प्रधानमंत्री का मंत्र समग्र एवं संतुलित विकास से साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए 'कैच द रेन' अभियान अंतर्गत वर्षा जल संचय तथा भूमिगत जल रिचार्ज के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। हर विधायक को 50 लाख रुपये का विशेष अनुदान आवंटित किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रिचार्जिंग व्यवस्थाएं की जा सकें। मुख्यमंत्री ने गाय आधारित प्राकृतिक कृषि अपनाने की अपील करते हुए सभी से भूमि का स्वास्थ्य सुधारने तथा भावी पीढ़ी को निरोगी भविष्य देने का संकल्प लेने को कहा।

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