सूरत , जनवरी 31 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को सूरत महानगर पालिका के 173.78 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और 169 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया।

श्री पटेल ने इस अवसरप कहा कि राज्य के लोगों की 'ईज ऑफ लिविंग' बढ़ाने के लिए वर्ष 2026 के पहले ही महीने में पूरे राज्य में 4870 करोड़ रुपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्य सरकार ने पूरे कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार द्वारा जिन कार्यों का शिलान्यास किया जाता है, उन कार्यों का लोकार्पण भी उसी सरकार के कार्यकाल में सुनिश्चित हो; ऐसी समयबद्ध योजना और कार्य संस्कृति विकसित की है। उसी कार्य संस्कृति को हमने गुजरात में साकार किया है।

राज्य सरकार की 'सार्वजनिक आवास पुनर्विकास योजना-2016' अंतर्गत कतारगाम क्षेत्र के गोटालावाडी टेनामेंट के 1304 आवासों का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर पुनर्विकास पूरा किया गया है। मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की विशेष उपस्थिति में इन आवासों का लोकार्पण किया तथा लाभार्थियों के लिए कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ भी आयोजित किया।

मुख्यमंत्री ने सूरत के अक्षरवाडी, डभोली और कतारगाम स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित समारोह में कहा कि सूरत आज देशभर में विकास, स्वच्छता और शहरीकरण का उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। सूरत की स्वच्छता सूरतवासियों में आए सकारात्मक बदलाव और स्वच्छता प्रेम का परिणाम है। अपनी स्वच्छता, अनुशासन और आधुनिक शहरी योजना के बल पर सूरत आज मुंबई जैसे महानगरों को भी पीछे छोड़ रहा है।

उन्होंने सूरत को राज्य के विकास का 'ग्रोथ इंजन' बने हुए सूरत के विकास को उदाहरणीय बताते हुए कहा कि सूरत देश का सबसे तेजी से विकसित हो रहा शहर है। औद्योगिक विकास के कारण समूचे भारत से लोग यहां रोजगार के लिए आकर बस रहे हैं, इसी कारण सूरत को 'मिनी भारत' की उपाधि मिली है। डायमंड और टेक्सटाइल कैपिटल के रूप में पहचाना जाने वाला सूरत आज स्वच्छता, ग्रीन मोबिलिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में भी अग्रसर है।

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