बिहार जिलाधिकारी अतिक्रमणपटना , अप्रैल 26 -- पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने रविवार को कहा कि किस भी सूरत में गंगा नदी के किनारे असर्वेक्षित भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

पटना के जिलाधिकारी के निर्देश पर इन दिनों गंगा नदी के किनारे विशेष अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है और असर्वेक्षित भूमि से अवैध संरचनाओं को हटाने का कम जारी है।

इसी क्रम में आज सभ्यता द्वार से पटना कलेक्टोरेट के पीछे निर्मित लगभग 35 अवैध पक्के संरचनाओं को तोड़ा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि 'गंगा किनारे का क्षेत्र जनहित के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र' है। यहाँ अनेक योजनाएँ चल रही हैं।उन्होंने कहा कि जनहित की इन महत्वपूर्ण योजनाएँ के क्रियान्वयन में कोई बाधा स्वीकार नहीं की जा सकती है और गंगा नदी के किनारे अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 'इस इलाके में अतिक्रमण को हटाने के साथ-साथ कोई नया अतिक्रमण न हो इसे भी सुनिश्चित' करें। उन्होंने कहा कि इसमें जो भी बाधा उत्पन्न करेगा, उसके विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी की तरफ से अनुमंडल पदाधिकारी(एसडीओ) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी(एसडीपीओ) को इसे सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. त्यागराजन ने कहा कि गंगा नदी के किनारे असर्वेक्षित भूमि पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। गंगा नदी क्षेत्र के असर्वेक्षित भूमि में कई जगहों पर अतिक्रमण किया गया है एवं असामाजिक तत्वों ने निहित स्वार्थों से प्रेरित हो कर अवैध ढंग से संरचनाओं का निर्माण भी किया है। उन्होंने कहा कि एसडीओ को इन क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को 'नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एवं न्यायालय' के आदेश के अनुरूप इन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी इन इलाकों से अतिक्रमण हटाया गया है और आज भी एसडीओ एवं एसडीपीओ के नेतृत्व में अवैध संरचनाओं को हटाया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि आदतन अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध विधि-सम्मत दंडात्मक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिए गए हैं।

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