पटना , मार्च 07 -- बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शनिवार को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरांन अधिकारियों को सुझाव दिया कि पटना जिले के विभिन्न प्रवेश मार्गों सहित राज्य के विभिन्न प्रवेश मार्गों पर हरित पट्टी का विकास किया जाये, जिससे आगंतुकों को राज्य में तथा राज्य की राजधानी पटना में प्रवेश करते समय हरित बिहार की सकारात्मक झलक मिल सके।
डॉ. कुमार ने आज गयाजी जिले में चिड़ियाघर की स्थापना सहित पर्यावरण से जुड़े अन्य मामलों पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर के साथ एक बैठक की।
इस बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री किशोर ने अध्यक्ष को जानकारी दी कि राज्य सरकार की तरफ से गया जी जिले में चिड़ियाघर की स्थापना को सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव पर केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त करने संबंधी कार्रवाई की जा चुकी है। अनुमति प्राप्त होते ही विभाग की तरफ से गया जी जिले में चिड़ियाघर की स्थापना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
इस बैठक में जलवायु परिवर्तन से निपटने और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी विजन के तहत क्रियान्वित जल-जीवन-हरियाली अभियान के संबंध में भी विचार-विमर्श हुआ।
अध्यक्ष ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने, जल संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में जल-जीवन-हरियाली अभियान की भूमिका काफी अहम है। उन्होंने श्री किशोर को बिहार के हरित आवरण को बढ़ाने तथा विभिन्न राजमार्गों पर हरित पट्टी का विकास करने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसके बाद अपर मुख्य सचिव श्री आनंद किशोर ने कहा कि इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्य आरंभ करा दिया जायेगा।
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