पटना , अप्रैल 25 -- लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए पटना के ज़िलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम.के निर्देश पर पटना जिलांतर्गत 17 नगर निकायों एवं 26 अंचलों में जनहित में पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है।

डॉ. त्यागराजन एस. एम ने शनिवार को बताया कि पटना जिला में 17 नगर निकायों की ओर से कुल 385 स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की गई है। साथ ही 15 आश्रय स्थलों का भी संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में राहगीरों, रिक्शा चालकों, श्रमिकों, दुकानदारों और आम लोगों के लिए प्याऊ एवं पेयजल की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। पीएचईडी द्वारा 46 चलंत चापाकल मरम्मति दलों को विभिन्न प्रखंडों में तैनात किया गया है। पीएचईडी पटना पूर्व एवं पश्चिम का नियंत्रण कक्ष भी क्रियाशील है। जिले में पेयजल का कोई संकट नहीं है।

जिलाधिकारी ने कहा कि पीएचईडी के कार्यपालक अभियंताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में सभी चापाकलों को क्रियाशील रखने का निर्देश दिये गये हैं। यदि कोई चापाकल खराब होने की सूचना प्राप्त हो तो वे इसे मरम्मति दलों के माध्यम से तुरत ठीक कराएंगे। वे भू-गर्भ जल-स्तर की लगातार समीक्षा करेंगे एवं इसके अनुसार कार्रवाई करेंगे। जिन स्थानों पर चापाकलों में पानी की कमी पायी जाए वहाँ आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पेयजल संकट से निबटने के लिये निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे।

डॉ. त्यागराजन एस. एम ने बताया कि पटना ज़िला में चापाकल मरम्मती, हर घर नल का जल, पंचायती राज विभाग द्वारा हस्तांतरित जलापूर्ति योजनाओं तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना से संबंधित शिकायत दर्ज करने के लिए जिला नियत्रंण कक्ष (लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, पटना पूर्व -0612-2225796 तथा लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, पटना पश्चिम -0612-2280879) पर सुबह 10 बजे से शाम 06 बजे तक सूचना एवं शिकायत दर्ज की जा सकती है।

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