पटना , मार्च 07 -- पटना के लोगों को जल्द ही वाटर मेट्रो की सौगात मिल सकती है, जिसके लिये शहर के कई स्थानों पर इसके इंजनों को परिचालन के दौरान चार्ज करने के लिये चार्जिंग पॉइंट बनाये जा रहे हैं।
फिलहाल गांधी घाट पर चार्जिंग प्वाइंट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जबकि कंगन घाट और दीघा घाट पर भी ऐसे प्वाइंट बनाये जाने हैं।
प्रस्तावित वाटर मेट्रो का पहला रूट दीघा घाट से कंगन घाट के बीच करीब 10.5 किलोमीटर लंबा होगा। इस रूट पर कंगन घाट, गायघाट, गांधी घाट, दीघा घाट, फरक्का महतो घाट, नारियल घाट, पानापुर, कोंहरा घाट, काली घाट (सोनपुर) और छेछर घाट जैसे पड़ाव शामिल होंगे। पहले चरण में गांधी घाट और गायघाट मुख्य स्टेशन होंगे, जबकि दूसरे चरण में सेवा को हाजीपुर और सोनपुर तक बढ़ाने की योजना है। भविष्य में इस परियोजना को 10 टर्मिनल और चार रूट तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे पटना के साथ- साथ आसपास के जिलों से भी संपर्क मजबूत होगा।
करीब 908 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और बिहार सरकार का संयुक्त प्रयास है, जिसमें तकनीकी सहयोग कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के इंजीनियर दे रहे हैं। इस सेवा में 'एमवी-गोमधर कुंवर' नामक आधुनिक बोट का उपयोग किया जायेगा, जिसकी कीमत 12 करोड़ रुपये से अधिक है।
पर्यटकों के लिये दो पर्यावरण अनुकूल वाटर मेट्रो बोट हाइब्रिड मोड (इलेक्ट्रिक और डीजल) में चलेंगी। इनमें एसी, बड़ी कांच की खिड़कियां, ऑटोमेटिक बोट लोकेशन सिस्टम और सीसीटीवी जैसी सुविधायें होंगी। साथ ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये तीन- चार रेस्क्यू बोट भी तैनात की जायेंगी। यह परियोजना गंगा पर राष्ट्रीय जलमार्ग-1 को मजबूत करने के साथ पटना में सस्ती और वैकल्पिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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