पटना , मार्च 16 -- बिहार में पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आम जनता से अग्नि-सुरक्षाके लिये आपदा प्रबंधन विभाग एवं बिहार अग्निशमन सेवा की ओर से निर्धारित मापदंडों का पालन करने का आह्वान किया है।
जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन के पदाधिकारियों को वृहद स्तर पर जन-जागरूकता उत्पन्न करने तथा लोगों को सुरक्षा मानकों के प्रति सेंसिटाइज़ करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अग्निकांड की आपदा से निपटने के लिये आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का निर्धारण किया गया है एवं समय-समय पर एडवायजरी /मार्ग-दर्शिका/निदेश भेजा जाता है। इसके अक्षरशः अनुपालन से अगलगी की घटनाओं को रोका जा सकता है।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने जिलेवासियों के नाम एक संदेश में कहा कि 15 मार्च से 15 जून तक तीन महीना अग्नि प्रवण काल रहता है। उन्होंने कहा कि इस समय पछुआ हवा का प्रवाह भी तीव्र गति से होता है। इस अवधि में अग्निकांड से सुरक्षा एवं बचाव के लिये विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। ग्रीष्मकाल में विभिन्न क्षेत्रों में अग्निकांड की संभावना बढ़ जाती है। गाँव में अगलगी की घटना होने पर खेत, खलिहान, खड़ी फसल आदि में जान-माल की क्षति होती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसी स्थिति में आग लगने की घटनाओं की रोकथाम के लिये सुरक्षात्मक उपाय करने के लिए दिये गये निदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आग लगने की हर छोटी-बड़ी घटना की सूचना क्षेत्रीय पदाधिकारी वरीय पदाधिकारियों को तुरत दें। मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार प्रबंधन सुनिश्चित करें। आग की छोटी-सी लौ भी एक क्षण में पूरी तरह से अनियंत्रित होकर बड़ी आग में परिवर्तित हो सकती है। अतः हर व्यक्ति के स्तर पर अपेक्षित सतर्कता आवश्यक है।
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