पटना , जनवरी 24 -- पटना स्थित राष्ट्रीय अंतर्देशीय नेविगेशन संस्थान (निनि) देश का एकमात्र केंद्रीय संस्थान है जहां नाविकों को प्रमाणित प्रशिक्षण दिया जाता है।
वर्ष 2004 में स्थापित यह संस्थान आज अंडमान- निकोबार से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में जहाज संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे कुशल नाविक तैयार कर रहा है।
पिछले पांच वर्षों में निनि से 2300 से अधिक छात्र- छात्रायें प्रशिक्षण लेकर सफलतापूर्वक रोजगार से जुड़े हैं। संस्थान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ कैप्टन इंद्रवीर सोलंकी के अनुसार, निनि का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में जहाज को सुरक्षित रूप से चलाने में सक्षम पेशेवर नाविक तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि निनि में साढ़े तीन महीने का जीपी रेटिंग कोर्स संचालित होता है, जिसके लिये न्यूनतम योग्यता 10वीं पास और आयु सीमा 18 से 25 वर्ष है। सीमित 30 सीटों वाले इस कोर्स की फीस लगभग 35,200 रुपये है और प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होती है। कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को शिप पर तीन वर्षों का अनुभव मिलता है, जिसके बाद वे मास्टर लाइसेंस की परीक्षा देकर 300 टन तक के इनलैंड वेसल के मास्टर बन सकते हैं। संस्थान 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का दावा करता है।
डॉ सोलंकी के अनुसार, यहां छात्रों को थ्योरी के साथ- साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें ट्रेनिंग वेसल, स्विमिंग, सिम्युलेटर और वर्कशॉप शामिल हैं। साथ ही बेसिक सेफ्टी कोर्स, एटीट्यूड ट्रेनिंग और शिप लाइफ की वास्तविक समझ भी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि निनि से प्रशिक्षित युवा विभिन्न जल परिवहन कंपनियों, जहाजों और सुरक्षा बलों की वाटर विंग में सेवायें दे रहे हैं। संस्थान आपदा प्रबंधन, सेफ स्वीमिंग प्रोग्राम और जल परिवहन नियमों के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित