नैनीताल , मई 22 -- उत्तराखंड पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कुमाऊं में 25 करोड़ रुपए से अधिक के भू-धोखाधड़ी सिंडिकेट का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को गिरफ्तार किया है। गिरोह पर भोले-भाले लोगों को भूमि और निवेश के नाम पर ठगने का आरोप है।
पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने शुक्रवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वर्ष 2018 से अब तक इस संगठित गिरोह के खिलाफ पुलिस में कुल नौ मामले दर्ज हैं। इनमें से तीन मामलों की जांच वर्तमान में एसआईटी द्वारा गहनता से की जा रही है।
इसके अलावा बड़ी संख्या में अन्य पीड़ितों की ओर से भी शिकायतें लगातार पुलिस को मिल रही हैं। श्रीमती अग्रवाल ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में पिछले वर्ष चार नवंबर को अपर पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित किया गया था। जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर विगत 17 अप्रैल को एसआईटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया था।
इसके बाद ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति के पर्यवेक्षण तथा जितेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में नई एसआईटी का गठन किया गया था। नई टीम ने मामले की दोबारा गहनता से जांच शुरू की और अथक प्रयास के बाद गुरुवार देर रात को मुख्य आरोपी और गिरोह के सरगना धनंजय गिरी को गिरफ्तार कर लिया। अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि गिरोह एक संगठित सिंडिकेट के रूप में कार्य कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत संगठित अपराध का मामला भी दर्ज किया है। सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर लिया गया है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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