पंचकूला , अगस्त 03 -- उत्तर भारत में कैंसर का बोझ लगातार बढ़ रहा है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कैंसर के नए मामलों में लगातार वृद्धि का अनुमान है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया है कि वर्ष 2025 तक देश में कैंसर के नए मरीजों की अनुमानित संख्या बढ़कर 15.70 लाख के करीब पहुंच जाएगी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (एनसीआरपी) के अनुसार वर्ष 2021 में देश में कैंसर के 14,26,447 नए मामलों का अनुमान था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 15,69,793 हो जाएगा। यानी पांच वर्षों में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।

उत्तर भारत में पंजाब सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है। यहां कैंसर के नए मामलों की संख्या वर्ष 2021 के 39,521 से बढ़कर वर्ष 2025 में 43,196 होने का अनुमान है।

हरियाणा में इसी अवधि के दौरान कैंसर के मामलों की अनुमानित संख्या 30,015 से बढ़कर 33,395 हो जाएगी। दिल्ली में यह आंकड़ा 25,969 से बढ़कर 29,238, जबकि जम्मू-कश्मीर में 13,060 से बढ़कर 14,493 होने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में भी कैंसर के मामलों की संख्या 8,978 से बढ़कर 9,761 तक पहुंच सकती है।

केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले संचालित रीजनल कैंसर सेंटर (आरसीसी) योजना अब लागू नहीं है। इसकी जगह अब राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के तहत 'स्ट्रेंथनिंग ऑफ टर्शियरी केयर कैंसर फैसिलिटीज' योजना लागू की जा रही है। इसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (एससीआई) और टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर (टीसीसीसी) स्थापित करने के लिए सहायता दी जा रही है।

सरकार ने बताया कि अब तक देशभर में 39 संस्थानों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें 19 स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट और 20 टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर शामिल हैं।

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