होशियारपुर , जुलाई 16 -- पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने और डॉक्टरों को सरकारी सेवा में बनाये रखने के उद्देश्य से 17 जुलाई 2020 या उसके बाद भर्ती हुए मेडिकल अधिकारियों के लिए संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति (एमएसीपी) योजना लागू कर दी है।

वित्त विभाग द्वारा 15 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार यह योजना 17 जुलाई 2020 या उसके बाद नियुक्त उन मेडिकल अधिकारियों पर लागू होगी, जो उसी दिन अधिसूचित संशोधित वेतन संरचना के तहत वेतन प्राप्त कर रहे हैं। योजना के तहत मेडिकल अधिकारी नियुक्ति के समय लेवल-9 में 53,100 रुपये के मूल वेतन पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके बाद पांच वर्ष की सेवा पूरी होने पर उन्हें लेवल-11 में 67,700 रुपये, 10 वर्ष की सेवा पर लेवल-12 में 78,800 रुपये तथा 15 वर्ष की सेवा पूरी होने पर लेवल-13 में 1,23,100 रुपये के मूल वेतन के साथ वित्तीय उन्नयन दिया जाएगा।

गुरुवार को यहां जारी अधिसूचना में कहा गया है कि प्रशासनिक विभाग इस संबंध में सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन करेगा। साथ ही, 17 जुलाई 2020 से पहले नियुक्त मेडिकल अधिकारियों पर लागू पूर्व एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) योजना की अन्य शर्तें भी नये मेडिकल अधिकारियों पर लागू रहेंगी।

इस फैसले का स्वागत करते हुए पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (पीसीएमएसए ) के अध्यक्ष डॉ. अखिल सरीन ने कहा कि यह निर्णय सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में युवा डॉक्टरों को बनाये रखने के लिए बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा और डॉक्टरों के पलायन तथा कम भर्ती जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि जुलाई 2020 के बाद भर्ती डॉक्टरों का शुरुआती मूल वेतन 56,100 रुपये से घटाकर 53,100 रुपये कर दिया गया था। नयी एमएसीपी योजना के तहत पांच वर्ष बाद उनका वेतन पहले की भर्ती वाले डॉक्टरों के बराबर हो जाएगा, जबकि 15 वर्ष की सेवा के बाद उन्हें पहले की एसीपी व्यवस्था की तुलना में कुछ अधिक लाभ मिलेगा। पीसीएमएसए ने राज्य सरकार द्वारा 630 नये मेडिकल अधिकारियों की भर्ती के निर्णय का भी स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नियमित और समयबद्ध भर्ती बेहद आवश्यक है।

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