चंडीगढ़ , मई 08 -- पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वित्तीय प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को यूनिफाइड सैंक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (यूएसएमएस) लॉन्च किया।

यह नयी व्यवस्था सरकारी विभागों में प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाएगी। इसके तहत अब कागजी और मैनुअल मंजूरी प्रक्रिया की जगह ऑनलाइन वर्कफ्लो लागू होगा, जिससे स्वीकृतियां सीधे राज्य की भुगतान प्रणाली से जुड़ सकेंगी।

श्री चीमा ने कहा कि ट्रेजरी एवं अकाउंट्स विभाग ने एनआईसी के सहयोग से यह मॉड्यूल तैयार किया है, जिससे स्वीकृति आदेश ऑनलाइन जारी होंगे और बाद में स्वतः आईएफएमएस प्रणाली में भेजे जाएंगे, जहां से बिल जनरेट होंगे। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम से हर मंजूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिसमें यूजर आईडी, समय और स्वीकृति स्तर दर्ज होंगे। इससे पूरी ऑडिट ट्रेल उपलब्ध होगी और जवाबदेही बढ़ेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह मॉड्यूल बजट उपलब्धता की पहले ही जांच करेगा, जिससे विभाग अतिरिक्त खर्च से बच सकेंगे और बजट अनुशासन कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि ई-सैंक्शन सिस्टम से विभागों में स्वीकृति आदेशों के प्रारूप और प्रक्रिया में एकरूपता आएगी, जिससे त्रुटियां और देरी कम होगी। साथ ही आईएफएमएस से एकीकृत होने के कारण बजट, ट्रेजरी, बिल प्रोसेसिंग और भुगतान प्रक्रिया सहज होगी। श्री चीमा ने बताया कि यह प्रणाली भारत सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2026-27 योजना के दिशा-निर्देशों के तहत विकसित की गयी है। इसके सफल क्रियान्वयन से पंजाब को केंद्र सरकार से 50 करोड़ रुपये तक का प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। उद्घाटन समारोह में वर्ल्ड बैंक टीम ने मॉड्यूल की कार्यप्रणाली पर व्याख्यान दिया, जबकि एनआईसी टीम ने विस्तृत प्रस्तुति दी।

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