होशियारपुर , मार्च 09 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप)की सरकार के तहत पंजाब की कानून-व्यवस्था चरमरा गयी है। उन्होंने सरकार पर चुनाव से पहले घोषित वित्तीय योजनाओं के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया।
होशियारपुर जिले के सैला खुर्द में 'पंजाब बचाओ, सुखबीर बादल लाओ' अभियान के तहत एक रैली को संबोधित करते हुए बादल ने दावा किया कि विद्रोही 'पुनर्जीत' गुट, जिसे उन्होंने 'चुल्हा दल' कहकर संबोधित किया, दोआबा क्षेत्र में लगभग खत्म हो गया है, क्योंकि इसके कई नेता वापस शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गये हैं।
उन्होंने कहा कि नेताओं और उनके समर्थकों की वापसी ने होशियारपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों में इस समूह के प्रभाव को समाप्त कर दिया है। रैली के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बादल ने चुटकी लेते हुए कहा, "चुल्हा दल के सिलेंडर वापस ले लिए गए हैं और अब होशियारपुर और दोआबा क्षेत्र से इनका सफाया हो गया है। धीरे-धीरे यह प्रक्रिया पूरे पंजाब में होगी।"शिरोमणि अकाली दल (पुनर्जीत) के कई नेता, जिनमें पूर्व विधायक सुरिंदर सिंह भुल्लेवाल राथन, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य डॉ. जंग बहादुर सिंह राय, गढ़शंकर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष राजिंदर सिंह शुका, हरजीत सिंह भतपुरी, सतविंदर पाल सिंह धत्त और गुरिंदर सिंह गोल्डी शामिल हैं, अपने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ अकाली दल में शामिल हुए।
श्री बादल ने आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल को कमजोर करने की कोशिशें की गयी थीं, लेकिन कुछ नेताओं को स्थिति का एहसास हुआ और वे पार्टी में लौट आये। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि राज्य में रंगदारी, हत्या और नशा तस्करी की घटनाएं बढ़ी हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार प्रभावी रूप से दिल्ली से चलाई जा रही है। महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये देने की पंजाब सरकार की घोषणा का जिक्र करते हुए श्री बादल ने आरोप लगाया कि इस योजना के लिए सरकारी संपत्ति बेचकर और नये कर्ज लेकर धन जुटाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने लगभग 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है और ऐसी घोषणाएं करने के लिए 'जनता के ही पैसे' का उपयोग कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले किये गये कई वादों को पूरा करने में विफल रही है, जिसमें बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देना और 22 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करना शामिल है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में अकाली दल सरकार के कार्यकाल पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और जन कल्याणकारी योजनाएं जैसे कि सब्सिडी वाला अनाज और 'शगुन' योजना उसी अवधि के दौरान शुरू की गयी थीं।
श्री बादल ने कहा कि यदि फिर से सत्ता में आये, तो अकाली दल सिंचाई सुविधाओं में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, विशेष रूप से कंडी क्षेत्र में ट्यूबवेल कनेक्शन और लिफ्ट सिंचाई प्रणाली प्रदान करके। उन्होंने कंडी क्षेत्र में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रस्ताव दिया और कंडी बेल्ट के माध्यम से पठानकोट को चंडीगढ़ से और अमृतसर को श्री आनंदपुर साहिब से जोड़ने वाले नए राजमार्गों की योजना के बारे में बात की।
अकाली दल के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उद्योग स्थानीय उम्मीदवारों को नौकरी दें। उन्होंने हर जिले में मेडिकल और पशु चिकित्सा कॉलेज स्थापित करने और युवा उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण देने की योजना की भी घोषणा की। बादल ने लोगों से पंजाब के हितों की रक्षा के लिए शिरोमणि अकाली दल के बैनर तले एकजुट होने का आग्रह किया।
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