चंडीगढ़ , अगस्त 26 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने बुधवार को राज्य सरकार की शिक्षा नीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का कथित शिक्षा मॉडल पूरी तरह विफल हो चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।
श्री ढिल्लों ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में करीब 31,000 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जबकि सरकारी कॉलेजों में लगभग 2,400 प्रोफेसरों की कमी है। इसके अलावा सहायता प्राप्त कॉलेजों में भी करीब 3,000 शिक्षण पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं, तो केवल स्कूलों की इमारतों को रंगने और उनका सौंदर्यीकरण करने से शिक्षा क्रांति नहींआ सकती। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक नींव खाली इमारतें नहीं, बल्कि योग्य और पर्याप्त संख्या में शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सात सरकारी स्कूलों का बंद होना भी शिक्षा क्षेत्र में सरकार के प्रदर्शन पर सवाल खड़े करता है। एक ओर सरकार विज्ञापनों के माध्यम से शिक्षा क्रांति के दावे कर रही है, जबकि दूसरी ओर हजारों शिक्षण पद खाली पड़े हैं।
श्री ढिल्लों ने कहा कि केवल प्रचार के जरिए शिक्षा क्रांति नहीं लायी जा सकती। इसके लिए स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।उन्होंने पंजाब सरकार से सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में खाली पड़े शिक्षकों तथा प्रोफेसरों के पदों को तत्काल भरने की मांग की, ताकि राज्य के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब के बच्चों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार जमीनीस्तर पर ठोस कदम उठाने में विफल रही है और केवल दावे करने तक सीमित है।
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