चंडीगढ़/एसएएस नगर , अप्रैल 23 -- पंजाब श्रम कल्याण बोर्ड ने औद्योगिक श्रमिकों के कल्याण और उत्थान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पिछले वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 7,831 लाभार्थियों को 17.11 करोड़ रूपए की वित्तीय सहायता वितरित की है।

बोर्ड की प्रगति और चल रही गतिविधियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंजाब के श्रम मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने गुरुवार को कहा कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता प्रयासों को और मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जागरूकता अभियानों को तेज किया जाए, क्योंकि जानकारी के अभाव में कई श्रमिक इन योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते।

श्री सौंद ने बताया कि पंजाब लेबर वेलफेयर फंड अधिनियम, 1965 के तहत आने वाले संस्थानों में कार्यरत औद्योगिक श्रमिक बोर्ड द्वारा प्रदान किए जाने वाले लाभों के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। बोर्ड की ओर से संचालित योजनाओं में चिकित्सा उपचार और सामान्य सर्जरी के लिए वित्तीय सहायता, एक्स-ग्रेशिया अनुदान, अंतिम संस्कार खर्च, अवकाश यात्रा रियायत , मातृत्व लाभ, तथा मानसिक या शारीरिक रूप से दिव्यांग श्रमिकों के लिए सहायता शामिल है। इसके अलावा, श्रमिक शगुन योजना, चश्मे, दंत चिकित्सा और श्रवण यंत्र के लिए सहायता, शिक्षा हेतु वजीफा योजनाएं और दिव्यांगता मुआवजा जैसी सुविधाओं का भी लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने दोहराया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर पात्र श्रमिक तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो और जरूरत के समय उन्हें सुरक्षा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि जागरूकता शिविरों और सरल आवेदन प्रक्रिया जैसे सक्रिय उपाय अपनाकर इन योजनाओं की पहुंच और प्रभाव को अधिकतम किया जाए।

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