चंडीगढ़ , दिसंबर 30 -- पंजाब विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदलकर इसे 'विकसित भारत-जी राम जी' करने के केंद्र के फैसले का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया।
यह प्रस्ताव मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने पेश किया, जिससे विपक्ष ने आपत्ति जताई और सदन में बार-बार हंगामा हुआ।
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस बैठक को विशेष सत्र कहने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया और कहा कि अगर कोई नतीजा नहीं निकलता है तो ऐसे सत्रों को बेकार का सत्र कहा जाना चाहिए। डॉ. सुखविंदर कुमार सुखी को जब बोलने की अनुमति दी गई तो तनाव और बढ़ गया, जिससे श्री बाजवा ने पूछा कि वह किस पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, और बोलने के समय के आवंटन को लेकर चिंताएं जताई गईं।
आप नेताओं ने डॉ. सुखी की स्थिति की तुलना कांग्रेस के बागी नेता से की, जबकि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर हाशिए पर पड़े समुदायों के नेताओं के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया रखने का आरोप लगाया।
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