चंडीगढ़ , मई 01 -- पंजाब के श्रम मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने शुक्रवार को विधानसभा में प्रदेश भर के मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी की मूल दरों में संशोधन और वृद्धि संबंधी एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

यह प्रस्ताव 'कीर्ति दिवस' (मजदूर दिवस) मनाने के लिए बुलाए गए विधानसभा के विशेष और ऐतिहासिक सत्र में सर्वसम्मति से पारित किया गया। श्री सोंद ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा न्यूनतम मजदूरी की मूल दरों में 15 प्रतिशत वृद्धि किए जाने पर उनका धन्यवाद भी किया।

प्रस्ताव पेश करते हुए श्रम मंत्री ने कहा कि लगभग 69 वर्षों बाद एक मई को यह ऐतिहासिक सत्र राष्ट्र, समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मजदूर वर्ग के अमूल्य योगदान को नमन करने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि हर विकास परियोजना और प्रगति की हर उपलब्धि मजदूर वर्ग की अथक मेहनत, समर्पण और त्याग से संभव होती है।

मई दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह दिन वर्ष 1886 में शिकागो के हे मार्केट चौक में हुए ऐतिहासिक मजदूर आंदोलन में श्रमिकों द्वारा दिए गए बलिदानों की याद में मनाया जाता है, जहां आठ घंटे कार्य दिवस की मांग उठी थी। यह दिवस सामाजिक न्याय, बेहतर कार्य परिस्थितियों और श्रमिक अधिकारों की निरंतर लड़ाई का प्रतीक है।

उन्होंने पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को याद किया, जिन्होंने "किरत करो, नाम जपो और वंड छको" के सिद्धांतों के माध्यम से श्रम की गरिमा और महत्व पर जोर दिया। वर्तमान वेतन ढांचे की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने सदन को बताया कि पंजाब में न्यूनतम मजदूरी की मूल दरों का अंतिम संशोधन वर्ष 2012 में हुआ था और अब दूरदर्शी मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान ने मजदूरों को आवश्यक राहत देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान महंगाई भत्ते में समय-समय पर वृद्धि हुई, लेकिन मूल दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ, जिससे समाज के बड़े वर्ग को नुकसान उठाना पड़ा। समयानुकूल संशोधन की आवश्यकता को देखते हुए सदन ने सरकार को न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की सिफारिश की।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मजदूरों के योगदान को उचित मान्यता मिले, उन्हें न्यायपूर्ण पारिश्रमिक दिया जाए और राज्य की उन्नति व समृद्धि में उनके योगदान का सम्मान किया जाए। प्रस्ताव का सर्वसम्मति से पारित होना पंजाब भर के मजदूरों के कल्याण और उत्थान के प्रति सदन की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

श्रम मंत्री ने क्रांतिकारी पंजाबी कवि संत राम उदासी की एक भावुक कविता भी सुनाई। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा मजदूरों के हित में उठाए गए जनकल्याणकारी कदमों का भी उल्लेख किया।

चर्चा में मंत्रिमंडल मंत्री अधिवक्ता हरपाल सिंह चीमा, लाल चंद कटारूचक, विधायक प्रिंसिपल बुध राम, लाभ सिंह उगोके, सर्वजीत कौर मनूके सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।

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