चंडीगढ़ , अप्रैल 4 -- पंजाब राज्य खाद्य आयोग ने सतत कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शनिवार को ' रिजनरेटिंग पंजाब ' के साथ मिलकर "सॉइल टू प्लेट" पहल की शुरुआत की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आयोग के अध्यक्ष श्री बाल मुकंद शर्मा ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पंजाब में मिट्टी की उर्वरता को बहाल करना और राज्य की कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाना है। उन्होंने गिरते भूजल स्तर, मिट्टी की कम होती उपजाऊ शक्ति और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोजन के दौरान आए सभी महत्वपूर्ण सुझावों और चिंताओं को पंजाब सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने इस सेमिनार की प्रेरणा के लिए श्री एम.एस. औजला का विशेष रूप से उल्लेख किया।

सेमिनार में पंजाब के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन के लगभग 15 विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान जैविक खेती और वैकल्पिक फसल चक्र, वर्मीकम्पोस्ट आधारित खाद और मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन को बढ़ाना, पानी का कुशल उपयोग, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

इस पहल के तहत एक "थिंक एंड डू टैंक" बनाने की घोषणा की गई है। यह समूह केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंजाब की कृषि के पुनरुद्धार की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करेगा।

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