चंडीगढ़ , अक्टूबर 19 -- पंजाब सरकार ने बाल विवाह के खिलाफ अभियान के तहत वर्ष 2025 और जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान कुल 137 बाल विवाह रुकवाए हैं। राज्य की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सोमवार को यह जानकारी दी।

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2025 में 64 बाल विवाह रोके गए, जबकि जनवरी से जुलाई 2026 तक 73 मामलों में समय रहते हस्तक्षेप कर बाल विवाह रुकवाए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए राज्य में 2,076 बाल विवाह रोकथाम अधिकारी नामित किए गए हैं। इनमें सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रिंसिपल शामिल हैं। ये अधिकारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने, संदिग्ध मामलों की पहचान करने और समय पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 10 फरवरी 2025 को जारी अधिसूचना के तहत पंजाब के सभी 23 जिलों में जिला स्तरीय बाल विवाह रोकथाम इकाइयों का गठन किया गया है। ये इकाइयां संभावित मामलों में तत्काल हस्तक्षेप करने, प्रभावित बच्चों के बचाव एवं पुनर्वास और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के बचपन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य को प्रभावित करता है। इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए कानून का सख्ती से पालन कराने के साथ-साथ जनजागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, पंचायतों, धार्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और युवाओं से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों और भविष्य की रक्षा की जा सके।

डॉ. कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए प्रयास जारी रखेगी।

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