चंडीगढ़ , सितंबर 24 -- पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां नेगुरुवार को कहा कि राज्य में चालू खरीफ सीजन के दौरान अब तक किसानों ने 16,227 फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनें खरीदी हैं।
सरकार ने 10,000 से अधिक सीआरएम मशीनों की खरीद के लिए किसानों को 183 करोड़ रुपयेकी सब्सिडी जारी की है।
श्री खुड्डियां ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि) अनुराग वर्मा के साथ आगामी रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को किसानों के लिए उर्वरकों और गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री की निर्बाध एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत किसानों को सीआरएम मशीनों की खरीद पर 50 प्रतिशत तथा कस्टम हायरिंग सेंटर, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों और ग्राम पंचायतों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए 576 करोड़ रुपये की कार्ययोजना के तहत किये जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत की कमी आयी है। वर्ष 2022 में 49,922 के मुकाबले 2025 में ऐसी घटनाएं घटकर 5,114 रह गयीं। उन्होंने किसानों से पराली जलाने से बचने और पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाये रखने तथा टिकाऊ कृषि के लिए सीआरएम मशीनों के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से फसल अवशेष प्रबंधन अपनाने की अपील की। उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान श्री खुड्डियां ने अधिकारियों को उर्वरकों की टैगिंग की प्रथा पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की अनियमितता में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों को मिट्टी की सेहत बनाए रखने और डीएपी पर निर्भरता कम करने के लिए टीएसपी, एनपीके और एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।
अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि रबी सीजन के लिए राज्य में 3.92 लाख टन से अधिक यूरिया और पांच लाख टन डीएपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। कृषि निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि रबी सीजन में उर्वरकों की समय पर और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।
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