चंडीगढ़ , फरवरी 03 -- पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मंगलवार को बताया कि जनवरी 2024 से अब तक पंजाब में बाल विवाह के 111 मामले रोके गये हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना मान सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ सरकार पूरी सख्ती के साथ-साथ संवेदनशीलता के साथ भी कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह रोकने की प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा पूरे राज्य में 2076 बाल विवाह निवारण अधिकारी (सीएमपीओज़) नियुक्त किये गये हैं, जिनमें सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओज़ और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपल शामिल हैं।
डॉ. कौर ने कहा कि बाल विवाह केवल कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सपनों, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े भविष्य पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि हर रोका गया बाल विवाह एक बच्ची को अपनी पढ़ाई पूरी करने, अपनी पहचान बनाने और आत्म-निर्भर जीवन की ओर बढ़ने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि मान सरकार का यह सपना है कि पंजाब का हर बच्चा डर से मुक्त, सुरक्षित और सम्मान से भरा बचपन जीए, और इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सरकार समाज के हर वर्ग के साथ मिलकर दृढ़ता से काम करती रहेगी।
डॉ. कौर ने कहा कि किसी भी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है, क्योंकि जन-सहयोग के बिना कोई भी मुहिम सफल नहीं हो सकती। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को अपने आसपास बाल विवाह संबंधी कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित किया जाए या अपने नजदीकी बाल विवाह निवारण अधिकारी से संपर्क किया जाये।
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