चंडीगढ़ , सितंबर 08 -- पंजाब पुलिस ने मंगलवार को 10वीं उत्तरी क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति (एनआरपीसीसी) की बैठक हाइब्रिड माध्यम से आयोजित की, जिसमें विभिन्न राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में साइबर अपराध, आंतरिक सुरक्षा और काउंटर-इंटेलिजेंस समेत उभरती सुरक्षा चुनौतियोंसे निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी) तथा हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की पुलिस के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

अधिकारियों ने अपराध और सुरक्षा चुनौतियों के राज्य की सीमाओं से परे बढ़ते स्वरूप को देखते हुए खुफिया सूचनाओं के प्रभावी आदान-प्रदान, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क, साइबर अपराध, ऑनलाइन कट्टरपंथ और अन्य उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी के अधिक प्रभावी इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। खुफिया आधारित पुलिसिंग और नीति निर्माण को मजबूत करने, आंतरिक एवं सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा साइबर क्षमताओं को बढ़ाने पर बल दिया गया।

बैठक में सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने, जमीनी स्तर पर तैयारियां बढ़ाने, नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने तथा जांच और अभियोजन व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी रेखांकित की गयी।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि एनआरपीसीसी राज्यों और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय तथा सामूहिक समस्या समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से सुरक्षा एजेंसियां अपने अनुभव साझा कर उभरती चुनौतियों के अनुरूप रणनीतियों को बेहतर बना सकती हैं। बैठक में अंतरराज्यीय सहयोग, खुफिया साझेदारी और संयुक्त तैयारियों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहरायी गयी।

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