चंडीगढ़ , जनवरी 15 -- पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने गुरुवार को कहा कि पार्टी की ओर से राज्य में "मनरेगा बचाओ संग्राम" के तहत 16 से 25 जनवरी तक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कम से कम 10 बड़े गांवों में पंचायत चौपालों का आयोजन किया जाएगा।
श्री वडिंग ने कहा कि मनरेगा से जुड़े मुद्दों को उजागर करने और जमीनी स्तर पर मजदूरों को संगठित करने के लिए आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया गया है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य मनरेगा मजदूरों पर प्रभाव डालने वाले नए "काले कानून" के बारे में जागरूकता पैदा करना और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रत्येक चौपाल में अनिवार्य रूप से 200 से 250 मनरेगा मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिन्हें योजना से जुड़े हालिया बदलावों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर पार्टी द्वारा जारी किए गए सूचना से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हर गांव में कम से कम 20 ऐसे मनरेगा मजदूरों की पहचान की जाएगी, जिनके पास जॉब कार्ड तो हैं, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। इसके साथ-साथ गलत तरीके से दूसरों के पास रखे गए जॉब कार्ड सही हकदारों को वापस दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चौपाल के दौरान उन मजदूरों की एक विस्तृत सूची तैयार की जाएगी, जिन्हें रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस सूची में उनके नाम, पते और हस्ताक्षर शामिल होंगे। ये आवेदन संबंधित बीडीपीओ या एपीओ के पास जमा कराए जाएंगे और उनकी रसीदें लेकर संबंधित जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के पास जमा कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि यदि आवेदन देने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया, तो मामले को मुख्य कार्यकारी अधिकारी या डिप्टी कमिश्नर के संज्ञान में लाया जाएगा।
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