चंडीगढ़ , सितंबर 08 -- पंजाब सरकार ने नागरिकों की भारी भागीदारी और 83 प्रतिशत से अधिक शिकायतों के निपटारे को देखते हुए राज्यव्यापी 'स्वच्छता अभियान 2.0' को 12 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है।
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को यह घोषणा करते हुए राज्य के सभी 166 शहरी स्थानीय निकायों में अगले चार शनिवार को बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने की भी घोषणा की।
श्री बैंस ने नगर निगम भवन में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 29 अगस्त से शुरू हुए अभियान के तहत एम-सेवा ऐप पर नागरिकों की ओर से अब तक 6,459 शिकायतें दर्ज करायी गयी हैं, जिनमें से 5,407 यानी 83 प्रतिशत से अधिक का मौके पर निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतिम दिन शिकायतों और जनभागीदारी में हुई वृद्धि को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि अभियान राज्य के सभी 166 शहरी स्थानीय निकायों, जिनमें 14 नगर निगम तथा 152 नगर परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं, में चलाया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि नागरिक भागीदारी को अभियान तक सीमित न रखकर इसे नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाने के लिए 12 सितंबर से लगातार चार शनिवार को मेगा स्वच्छता अभियान चलाये जाएंगे। इनमें गैर-सरकारी संगठनों, बाजार एसोसिएशनों, युवा क्लबों, धार्मिक संगठनों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को भी शामिल किया जाएगा।
श्री बैंस ने नागरिकों से शनिवार सुबह दो से तीन घंटे निकालकर पार्कों, बाजारों और अपने आसपास के क्षेत्रों की सफाई में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब गुरुओं, संतों और शहीदों की पवित्र धरती है और इसे स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कूड़े के संवेदनशील स्थानों (जीवीपी) की समस्या को रोकने के लिए सभी शहरों में घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था लागू की गयी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कूड़ा संग्रहण वाहन के पहुंचने तक कचरा घर में रखें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें। जागरूकता चरण के बाद सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि उन्होंने पिछले 10 दिनों में कुराली, खरड़ और नंगल सहित कई शहरों का दौरा कर स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया है। उन्होंने सफाई सेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नागरिकों के सहयोग के बिना स्वच्छ शहरों का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने विधायकों, उपायुक्तों, नगर निगम आयुक्तों, पार्षदों और सफाई कर्मचारियों का अभियान में सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि अभियान पूरा होने के बाद आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण तथा स्थायी रूप से समाप्त किए गए कूड़ा संवेदनशील स्थानों के फोटोग्राफिक साक्ष्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और जनभागीदारी से पंजाब शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में नया मानदंड स्थापित करेगा।
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