चंडीगढ़ , अक्टूबर 13 -- ऑल पंजाब क्रशर एसोसिएशन ने पंजाब में स्टोन क्रशर उद्योग को पेश आ रही समस्याओं पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। एसोसिएशन ने विभागीय प्रक्रियाओं में आ रही बाधाओं, पोर्टल की तकनीकी खामियों, बिजली कटौती और विभिन्न शुल्कों के बढ़ते बोझ को उद्योग के संचालन में प्रमुख बाधाएं बताया है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही, विरोध के तौर पर क्रशर इकाइयों का संचालन बंद करने का कदम भी उठाया जा सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के चेयरमैन मेजर बीडी गुप्ता, अध्यक्ष मनप्रीत सिंह गिल और अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि स्टोन क्रशर उद्योग पंजाब में सड़कों, पुलों, राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य निर्माण परियोजनाओं के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराता है। राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उद्योग की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अध्यक्ष गिल ने कहा कि पहले क्रशर इकाइयां उद्योग विभाग के अधीन थीं और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक मंजूरियां लेकर काम करती थीं। वर्ष 2015 में इन्हें खान एवं भूविज्ञान विभाग के अधीन लाए जाने के बाद से उद्योग को नीतिगत अस्थिरता और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि क्रशर उद्योग खनन करने के बजाय खदानों से कच्चा माल खरीदकर उसकी प्रोसेसिंग करता है। उद्योग से जुड़े कारोबारी रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य निर्धारित सरकारी शुल्कों का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद जटिल प्रक्रियाओं और नियमों के कारण कारोबार चलाने में कठिनाइयां आ रही हैं।
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