श्री मुक्तसर साहिब , जनवरी 14 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर यहां आयोजित माघी मेले में पहली बार राजनीतिक सम्मेलन आयोजित किया गया।

इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा, पूर्व मंत्री मनप्रीत बादल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

चाली मुक्तों की महान शहादत को नमन करते हुए श्री जाखड़ ने कहा कि पार्टी गुरु साहिबानों के आशीर्वाद से पंजाब की बेहतरी के लिए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझती है और यह भी जानती है कि इस कठिन दौर से पंजाब को केवल भाजपा ही बाहर निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में नशा, भ्रष्टाचार, गैंगस्टरवाद और कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। इनका समाधान और राज्य में सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाकर, पंजाब को विकास के रास्ते पर केवल भाजपा जैसी सक्षम सरकार ही ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने बीते समय में करतारपुर कॉरिडोर खुलवाने के अलावा अनेक ऐसे कार्य किए हैं, जिनके बारे में पिछली सरकारों ने कभी सोचा तक नहीं था।

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल द्वारा वर्ष 2021 में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने को गलती बताए जाने संबंधी बयान की निंदा करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस किसी एससी समुदाय के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाए जाने को गलती मानती है, तो हम इसका कड़ा विरोध करते हैं, क्योंकि पंजाब धर्म और जाति के आधार पर विभाजन को स्वीकार नहीं करता। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस ने पंजाब में हिंदू मुख्यमंत्री न होने की बात कही और अब एससी समुदाय के मुख्यमंत्री को लेकर यह बयान कांग्रेस की सांप्रदायिक सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि अब भूपेश बघेल इस गलती के पीछे भ्रष्टाचार को कारण बताते हैं, तो उन्हें विकल्प भी बताना चाहिए था, क्योंकि कांग्रेस के कई नेताओं ने तो अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए जनता की आवाज बनने के बजाय राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर रखा है।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहा कि श्री मुक्तसर साहिब की यह पवित्र धरती केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सिख इतिहास के अद्वितीय बलिदान और साहस की अमर गाथा है। उन्होंने 40 मुक्तों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि माघी मेला हमें सिख पंथ की उस शौर्य एवं बलिदान परंपरा की याद दिलाता है, जिसकी नींव त्याग और धर्म रक्षा पर टिकी है।

श्री चुघ ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका बलिदान किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता और धर्म की स्वतंत्रता के लिए कटा। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों के दिखाए मार्ग पर चलना आज की पीढ़ी का नैतिक कर्तव्य है और भारत आज भी उन्हीं मूल्यों से प्रेरणा लेता है।

पंजाब की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए चुघ ने कहा कि आज प्रदेश महाराजा रणजीत सिंह के सुशासन और शहीद भगत सिंह के आदर्शों वाली सरकार चाहिए, लेकिन आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आकर उन आदर्शों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक, कर्मचारी, छात्र और पत्रकार सड़कों पर हैं और आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा गुरुओं का अपमान पूरे पंजाब का अपमान है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 1984 के सिख नरसंहार का दर्द आज भी ताजा है, लेकिन कांग्रेस ने न कभी माफी मांगी और न ही पीड़ितों को न्याय दिया। इसके विपरीत भाजपा ने करतारपुर कॉरिडोर, वीर बाल दिवस, गुरु पर्वों के राष्ट्रीय आयोजन, लंगर पर जीएसटी राहत, जलियांवाला बाग के नवीनीकरण और 1984 पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसे ऐतिहासिक कार्य किए हैं।

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