चंडीगढ़ , अप्रैल 07 -- पंजाब में कांग्रेस विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष के पहले ही सप्ताह में राज्य सरकार के 1,500 करोड़ रूपये का कर्ज लेने पर गहरी चिंता जतायी और कहा कि प्रदेश पर लगातार बढ़ता कर्ज भविष्य में आने वाले गंभीर वित्तीय संकट का संकेत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
श्री धालीवाल ने बताया कि पंजाब का कुल कर्ज पहले ही चार लाख करोड़ रूपये को पार कर चुका है। यदि यही गति जारी रही, तो साल के अंत तक यह बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है, जो राज्य की आर्थिक स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होने स्पष्ट किया कि कर्ज लेना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इसका उपयोग विकासात्मक कार्यों के लिए होना चाहिए। यदि कर्ज का बड़ा हिस्सा सब्सिडी, बकाया भुगतान या गैर-जरूरी खर्चों में जा रहा है, तो यह भविष्य के लिए बोझ बन जाता है। उन्होंने 300 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी नीतियों के दीर्घकालिक वित्तीय परिणाम गंभीर होते हैं। भारी सब्सिडी के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश प्रभावित होता है।
कृषि क्षेत्र के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान पहले से ही भारी कर्ज के नीचे दबे हुए हैं। यदि राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर होती है, तो इसका सीधा असर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। सरकार को वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए और जनता को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि कर्ज का पैसा कहां खर्च किया जा रहा है। केवल अल्पकालिक लोकप्रिय निर्णयों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, सरकार को दीर्घकालिक आर्थिक सुधारों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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