चंडीगढ़ , अगस्त 11 -- पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। इसमें से 85 लाख रुपये 12 जिलों में जागरूकता एवं रोकथाम गतिविधियों के लिए आवंटित किये गये हैं, जबकि 15 लाख रुपये श्री मुक्तसर साहिब जिले के मालोट में अगस्त 2026 के दौरान राज्य स्तरीय नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए निर्धारित किये गये हैं।
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशे की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता, रोकथाम, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी को समान महत्व देते हुए व्यापक रणनीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की बुराई से बचाना तथा स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध पंजाब का निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने बताया कि फाजिल्का, तरनतारन, फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), पठानकोट, कपूरथला, गुरदासपुर, लुधियाना और पटियाला में विशेष जागरूकता अभियान चलाये जाएंगे। इन अभियानों के तहत स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और शहरी क्षेत्रों में लोगों को नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही युवाओं को स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डॉ. कौर ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में मालोट में राज्य स्तरीय नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक समाज संस्थाओं और अन्य संबंधित पक्षों की भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम नशे के विनाशकारी प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने, युवाओं में नशे की रोकथाम के प्रयासों को मजबूत करने और समाज के हर वर्ग को नशामुक्त पंजाब के अभियान से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
डॉ. कौर ने कहा कि नशे की समस्या को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने युवाओं, परिवारों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों से सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को मिलकर भावी पीढ़ियों को नशे से बचाना होगा। सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी के माध्यम से ही नशामुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से जागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों का विस्तार जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नशे के खिलाफ संदेश पंजाब के हर गांव, हर शहर और हर घर तक पहुंचे और समुदाय पंजाब के भविष्य को सुरक्षित बनाने में सक्रिय भागीदार बनें।
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