घनौर , अप्रैल 06 -- पंजाब में नशे की गंभीर स्थिति और युवा पीढ़ी की बर्बादी को लेकर यूथ अकाली दल ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर ने राज्य की वर्तमान स्थिति को "प्रशासनिक विफलता" के बजाय "सरकार और तस्करों की मिलीभगत" करार दिया है।
नशे के घातक परिणामों का जिक्र करते हुए श्री झिंजर ने सुल्तानपुर लोधी की एक बेबस मां, मनजीत कौर का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि नशे की भेंट चढ़कर इस मां के चार बेटों की मौत हो चुकी है। अब उनका पांचवां बेटा भी बिस्तर पर मौत से जूझ रहा है; वह न तो कुछ बोल पा रहा है और न ही कुछ खा पाने की स्थिति में है। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पंजाब के सैकड़ों गांवों का कड़वा सच बन चुका है।
यूथ अकाली दल के अध्यक्ष ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि मादक पदार्थ "चिट्टा" जैसा जानलेवा नशा अब पुलिस थानों के नाक के नीचे खुलेआम बिक रहा है। उन्होंने कहा कि नशा तस्कर अब इतने बेखौफ हैं कि नकाब पहनकर घर-घर जाकर नशे की सप्लाई कर रहे हैं। राज्य के कई इलाकों में राशन से ज्यादा आसानी से और महज कुछ ही मिनटों में नशा उपलब्ध हो जाता है।
भगवंत मान सरकार को घेरते हुए श्री झिंजर ने कहा, "2022 के चुनावों में मुख्यमंत्री ने कुछ ही हफ्तों में पंजाब को नशा मुक्त करने की कसम खाई थी। लेकिन चार साल बीत जाने के बाद स्थिति सुधरने के बजाय और भी भयावह हो गई है।" उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस केवल छोटे-मोटे मामलों में औपचारिक कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रही है, जबकि बड़े नशा तस्करों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
अकाली नेता ने दावा किया कि राज्य में नेताओं, पुलिस और तस्करों का एक मजबूत गठजोड़ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसी मिलीभगत के कारण गांव उजड़ रहे हैं और माताएं अपने बेटों को खो रही हैं।
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