चंडीगढ़ , अप्रैल 24 -- पंजाब एवं चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के जनगणना संचालन निदेशालय के निदेशक डॉ. नवजोत खोसा और पंजाब के स्थानीय सरकार विभाग के प्रशासनिक सचिव मनजीत सिंह बराड़ ने शुक्रवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना 2027 के प्रथम चरण (गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना) के संबंध में जानकारी देते हुए स्व-गणना प्रणाली की शुरुआत पर विशेष जोर दिया है।

भारत में जनगणना, जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के तहत आयोजित की जाती है। जनगणना 2027 भारत की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना 2011 में आयोजित की गई थी, जबकि 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।

अधिकारियों ने बताया गया कि जनगणना के आंकड़े सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी का एक व्यापक स्रोत हैं और विकास नियोजन, कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण और सार्वजनिक सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण, जिसमें 30 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तक स्व-गणना और उसके बाद 15 मई 2026 से 13 जून 2026 तक घर-घर जाकर गणना शामिल है, और दूसरा चरण, जनसंख्या गणना, 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक निर्धारित है। पहले चरण में आवास की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और यह जनसंख्या गणना चरण का आधार बनेगा।

डॉ. नवजोत खोसा ने बताया कि जनगणना 2027 पहली बार मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग के साथ डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना की सुविधा भी शुरू की जाएगी। लोग निर्धारित अवधि के दौरान अपना विवरण भर सकते हैं और जमा करने पर उन्हें एक विशिष्ट स्व-गणना संदर्भ आईडी प्राप्त होगी, जिसे क्षेत्र सत्यापन के दौरान गणनाकर्ता के साथ साझा किया जाएगा।

जनगणना के लिए राज्य नोडल अधिकारी श्री मनजीत बराड़ ने बताया कि राज्य भर में हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों की स्थापना और लगभग 67,000 गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों (आरक्षित सहित) की नियुक्ति सहित व्यापक प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने आगे बताया कि जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से किया गया है। पंजाब में, 52 मास्टर ट्रेनरों (राज्य से 36 और पंजाब के डीसीओ से 16) और 932 फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और जनगणना कार्य के सुचारू और प्रभावी संचालन के लिए तैयारियों को सुनिश्चित करने हेतु गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 16 अप्रैल से 9 मई 2026 तक राज्य भर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है।

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