जालंधर , अगस्त 19 -- पंजाब राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष कीमती भगत ने राज्य के सभी जिलों के गौ सुरक्षा सेल के प्रभारी पुलिस अधीक्षक और उपाधीक्षक के साथ बैठक कर गोवंश की सेवा, देखभाल और सुरक्षा से संबंधित कानूनों का जमीनी स्तर तक सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
स्थानीय सर्किट हाउस में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए कीमती भगत ने कहा कि पंजाब में गोहत्या, गो-तस्करी और गोमांस से जुड़े अवैध कार्यों पर पूर्ण रोक है। उन्होंने बताया कि पंजाब गौ हत्या रोकू संशोधन अधिनियम, 2011 के तहत दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा पशुधन और सभी प्रकार के जानवरों को क्रूरता से बचाने के लिए प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट भी लागू है, जिसके तहत दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि पंजाब से किसी अन्य राज्य में गोवंश ले जाने के लिए केवल डिप्टी कमिश्नर द्वारा परमिट जारी किया जा सकता है।
कीमती भगत ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोहत्या, गो-तस्करी और गोमांस से जुड़े अवैध कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि मौके पर गोवंश बरामद होता है, तो उसे नजदीकी सरकारी अथवा निजी गौशाला में पहुंचाया जाये और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर इसकी सूचना तुरंत पंजाब राज्य गौ सेवा आयोग को भेजी जाये, ताकि आयोग द्वारा आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने दूसरे राज्यों की सीमाओं से सटे जिलों के पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गोवंश की सेवा, देखभाल और सुरक्षा से संबंधित कानूनों, पंजाब सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों तथा अदालतों के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कीमती भगत ने कहा कि आयोग गोवंश की उचित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों के गौ सुरक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारियों को संबंधित कानूनों और नियमों की विस्तृत जानकारी दी गयी है। अधिकारियों को यह जानकारी प्रत्येक थाने और पुलिस चौकी के स्तर तक पहुंचाने के निर्देश भी दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि आयोग ने बेसहारा गोवंश को गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत अब तक राज्य के 19 जिलों में बैठकें की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बेसहारा गोवंश की सूचना देने के लिए आयोग द्वारा जल्द ही टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा।
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