चंडीगढ़ , जून 24 -- पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत घर-घर जाकर गणना का पहला चरण 25 जून से शुरू होगा।
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बुधवार को बताया कि इस राज्यव्यापी अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्रत्येक घर में जाकर पूर्व-मुद्रित गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) वितरित करेंगे। इसके साथ ही वे मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता भी प्रदान करेंगे और बाद में दोबारा घरों में जाकर भरे हुए फॉर्म एकत्र करेंगे।
उन्होंने बताया कि घर-घर गणना अभियान 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। यदि किसी घर से फॉर्म प्राप्त नहीं होता है तो संबंधित बीएलओ अधिकतम तीन बार वहां जाएगा और प्रत्येक दौरे का विवरण दर्ज करते हुए मकान पर एक स्टिकर भी लगाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार राज्यभर में 24,453 बीएलओ लगभग दो करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं की गणना का कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक एक करोड़ 84 लाख 61 हजार 581 मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है, जो कुल मतदाताओं का 86.02 प्रतिशत है।
सुश्री मित्रा ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 24 जुलाई तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) भी पूरा कर लिया जाएगा। मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) तीन अगस्त 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन अगस्त से दो सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निपटारा तीन अगस्त से 28 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची एक अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर अभियान के लिए पूरे पंजाब में चुनावी स्टाफ और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि घर-घर गणना के दौरान किसी पात्र मतदाता की मैपिंग नहीं हो पाती है, तो दावे और आपत्तियों की अवधि में उसे नोटिस जारी किया जाएगा। ऐसे व्यक्तियों को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत पाया जाता है, तो यह दंडनीय अपराध होगा, जिसके लिए संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत एक वर्ष तक की सजा हो सकती है।
सुश्री मित्रा ने बताया कि पंजाब की सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों को एसआईआर प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जा चुकी है और उनकी ओर से प्राप्त कई सुझावों को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसके लिए राज्य, जिला, तहसील और बूथ स्तर पर बैठकें आयोजित की गयी थीं। उन्होंने यह भी बताया कि सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के बीएलओ के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकें करें। इन बैठकों में तकनीकी समस्याओं, घरों और मतदाताओं की पहचान में आने वाली कठिनाइयों तथा गणना के दौरान बीएलओ के साथ होने वालेकिसी भी दुर्व्यवहार की समीक्षा की जाएगी।
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