चंडीगढ़ , अप्रैल 24 -- पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य पुलिस का शुरू किया गया 'संपर्क अभियान' राज्य के युवाओं के लिए गैंग्स और गैंगस्टरों की 'अंधेरी दुनिया' के बारे में शिक्षित करने वाला एक खुला मंच साबित हो रहा है।

इस पहल के तहत पुलिस कर्मी निवासियों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुनते और सुलझाते हैं, सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देते हैं और नशों के खतरे से निपटते हैं।

श्री यादव ने कहा कि जिला, गांव और शहर स्तर पर नियमित बातचीत ने राज्य पुलिस को पंजाब के युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने और उन्हें यह समझाने में मदद की है कि अपराधी गिरोह किस तरह नयी पीढ़ी को अपना निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार समर्थित 'गैंगस्टरों पर वार' अभियान के दौरान मिली सूचना से पुलिस ने पाया है कि गैंगस्टर युवाओं को जल्दी पैसा कमाने, भौतिक सुख-सुविधाओं या अपराध करने के बदले विदेश में बसने के झूठे सपने दिखाकर ललचाते हैं,एक ऐसा सफेद झूठ जिसे कई लोग शुरुआत में नहीं पहचान पाते।

श्री यादव ने कहा कि ये सत्र युवाओं को उन जोखिमों की स्पष्ट तस्वीर दे रहे हैं, जिसका जमीन पर गहरा प्रभाव दिख रहा है। उन्होंने कहा, "युवाओं में अपना भविष्य बनाने और राज्य में योगदान देने की क्षमता है। लेकिन हमने देखा है कि उन्हें कितनी आसानी से गुमराह किया जा सकता है। इन नेटवर्कों को चलाने वाले लोग अक्सर बहुत दूर सुरक्षित रहते हैं, जबकि जिन्हें वे भर्ती करते हैं, उन्हें परिणाम भुगतने पड़ते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि युवा इन जालों को समय रहते पहचानें।"पिछले साल शुरू हुई इस पहल ने गांवों, कस्बों और शहरों के निवासियों के लिए पुलिस से जुड़ना, अपनी चिंताएं साझा करना और अपनी बात सुनाना आसान बना दिया है। समय के साथ, यह सीधा जुड़ाव समुदायों को सुरक्षित रखने में साझा जिम्मेदारी की भावना भी पैदा कर रहा है। यह आउटरीच कार्यक्रम चल रहे 'गैंगस्टरों पर वार' अभियान का पूरक बन गया है, जिसमें निवासियों से मिले इनपुट पुलिस को स्थानीय चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी और मैदानी कर्मी छात्रों, ग्राम प्रधानों और परिवारों के साथ न केवल अपराध, बल्कि व्यक्ति और समाज पर इसके गहरे प्रभाव के बारे में भी चर्चा कर रहे हैं।

इस साल जनवरी से अब तक 28 जिलों में 2,800 से अधिक सत्र आयोजित किये जा चुके हैं, जिनमें सभी आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया है। इस सकारात्मक प्रतिक्रिया ने पुलिस को इन प्रयासों को और विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित किया है। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल केवल कानून लागू करने के बारे में नहीं है, बल्कि विश्वास कायम करने और लोगों को बिना किसी डर के बोलने के लिए प्रोत्साहित करने के बारे में है। निरंतर जनभागीदारी और जागरूकता के साथ, यह प्रयास धीरे-धीरे अपने बड़े लक्ष्य,एक सुरक्षित और सुदृढ़ पंजाब-की ओर बढ़ रहा है।

हाल ही में, मानसा पुलिस ने गुरु नानक कॉलेज, बुढलाडा (मानसा) के छात्रों और कर्मचारियों के साथ एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में लगभग 1,500 लोग शामिल हुए और इसे डीआईजी रेंज बठिंडा, हरजीत सिंह ने संबोधित किया।

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