चंडीगढ़ , फरवरी 06 -- पंजाब के वित्त, आबकारी और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कहा कि बकाया राशि के एकमुश्त भुगतान (ओटीएस) योजना से पहले ही 110 करोड़ रूपयों की वसूली हुई है जिससे प्रदेश भर के व्यापारिक समुदाय को महत्वपूर्ण वित्तीय राहत मिली है।
यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में वित्त मंत्री चीमा ने कहा, "कराधान विभाग को एक अक्टूबर, 2025 को ओटीएस-2025 शुरू होने के बाद से 7,654 आवेदन मिले हैं, जिसके बाद 38,477 करोड़ रूपयों की अभूतपूर्व छूट दी गई है।" उन्होंने जोर दिया कि इस योजना को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया स्पष्ट रूप से "मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की लंबी मुकदमेबाजी के बजाय स्वैच्छिक अनुपालन को प्राथमिकता देने की नीति की सफलता" को दर्शाती है।
उद्योगों से मिले फीडबैक के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया पर प्रकाश डालते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 कर दी गई है। उन्होंने कहा, "यह विस्तार योजना की सकारात्मक गति और उद्योग संघों के अभ्यावेदनों के जवाब में दिया गया है।" उन्होंने कहा कि अतिरिक्त समय योग्य करदाताओं को अपनी देनदारियों का मूल्यांकन करने और पारदर्शी और सरल तरीके से निपटान का विकल्प चुनने का पर्याप्त अवसर प्रदान करता है। उन्होने कहा कि एकमुश्त योजना सभी श्रेणियों में ब्याज और जुर्माना पर पूरी 100 प्रतिशत छूट देता है, जिससे व्यापार पर वित्तीय बोझ काफी कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि एक करोड़ तक की डिमांड पर 50 प्रतिशत की छूट है, एक करोड़ से Rs.25 करोड़ के बीच की डिमांड पर 25 प्रतिशत की छूट है, और Rs.25 करोड़ से ज़्यादा की डिमांड पर 10 प्रतिशत की छूट है।
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