श्रीगंगानगर , जून 16 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले की गंगनहर में पंजाब में लगातार हो रही पानी की चोरी और अपर्याप्त जल आपूर्ति ने क्षेत्र के किसानों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।

बिजाई के पीक सीजन में पानी की मात्रा घटकर मात्र 1000 क्यूसेक रह जाने से फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गयी हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में मंगलवार को सैकड़ों किसानों ने जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया और प्रशासन से तुरंत समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि उनकी मांगें नहीं मानी गयीं तो एक जुलाई को कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

ग्रामीण मजदूर किसान समिति के प्रदेश अध्यक्ष नेता रणजीत सिंह राजू ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि गंगनहर में हाल ही में पानी की आपूर्ति घटकर 1000 क्यूसेक रह गयी थी। अब भी जल स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसके कारण किसानों को अपना पूरा हक का पानी नहीं मिल पा रहा है। बिजाई का महत्वपूर्ण समय चल रहा है, लेकिन कई बारियां पूरी तरह छूट रही हैं। समय पर सिंचाई न हो पाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट (माकपा) के वरिष्ठ नेता श्योपतराम मेघवाल ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि नहर की बदहाली भी एक बड़ी समस्या बन गयी है। गंगनहर के दोनों किनारों पर बरम यानी घास-फूस 10 से 15 फुट तक बढ़ गया है। पंजाब को नहर सफाई के लिए दिये गये धन को दो वर्ष से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन आरडी 200 से आरडी 368 तक अब तक कोई सफाई कार्य नहीं कराया गया है। इससे नहर अपनी पूरी क्षमता से पानी नहीं ले पा रही है।

अखिल भारतीय किसान सभा के प्रवक्ता रवींद्र तरखान ने आरोप लगाया कि पंजाब के हिस्से और राजस्थान में खखा हेड से नीचे लगातार पानी की चोरी हो रही है। किसानों ने खुद कई चोरी के मामले पकड़े और विभाग को सूचित भी किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इन समस्याओं पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। एक जुलाई को कलेक्ट्रेट घेराव का कार्यक्रम तय कर लिया गया है जिसमें बड़े स्तर पर किसान जुटने वाले हैं।

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