चंडीगढ़ , अक्टूबर 22 -- शिरोमणि अकाली दल पुनर-सुरजीत के संरक्षक और पंजाब विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रविंदर सिंह ने गुरुवार को कहा कि पंजाब को तय करना होगा कि उसे विकास और खुशहाली चाहिए या चुनावी लाभ के लिए बांटी जाने वाली मुफ्त सुविधाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने दशकों तक रोजगार और उद्योग सृजन पर ध्यान देने के बजाय सब्सिडी बांटकर वोट हासिल करने की राजनीति की है।
एक प्रेस बयान में रविंदर सिंह ने कहा कि कभी देश के समृद्ध राज्यों में शामिल पंजाब आज बेरोजगारी, कर्ज, नशे और पलायन जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा नहीं किए और न ही कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए। इसी कारण पंजाब का युवा डिग्री के बजाय विदेश जाने के लिए वीजा तलाश रहा है। उन्होंने कहा कि किसान बढ़ती कृषि लागत और भूजल के गिरते स्तर से चिंतित हैं, जबकि राज्य का खजाना कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। उनके मुताबिक, इस कर्ज की किस्तों का बोझ अंततः करों के रूप में आम लोगों पर पड़ता है। इसके बावजूद सरकारें मुफ्त सुविधाओं, नए कर्ज और वादों पर निर्भर हैं। रविंदर सिंह ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के लोगों को नारों और मुफ्त सुविधाओं के बजाय सरकार के कामकाज और नतीजों के आधार पर मतदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को अगली सरकार से रोजगार की गारंटी और राज्य में आर्थिक विकास की ठोस योजना की मांग करनी चाहिए।
रविंदर सिंह ने पंजाब में उपलब्ध कच्चे माल पर आधारित उद्योग स्थापित करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते आर्थिक दिशा नहीं बदली गई तो आने वाली पीढ़ियों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। रविंदर सिंह ने कहा कि पंजाब को और कर्ज लेने के बजाय विकास की जरूरत है और राज्य का भविष्य सुरक्षित करने के लिए रोजगार, उद्योग तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना होगा।
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