लुधियाना , मार्च 07 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को लड़कियों से पंजाब के भविष्य को संवारने में समान भागीदार के रूप में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन, अर्थव्यवस्था और राजनीति में महिलाओं की पूर्ण भागीदारी के बिना राज्य देश का अग्रणी राज्य नहीं बन सकता।
लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि कैसे पंजाब सरकार उन बाधाओं को सक्रिय रूप से खत्म कर रही है, जो महिलाओं को प्रमुख क्षेत्रों से दूर रखती थीं। उन्होंने योग्यता आधारित भर्ती का उल्लेख करते हुए बताया कि 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियों में से अधिकांश लड़कियों को मिली हैं। साथ ही, अव्यावहारिक शर्तों को हटाकर अग्निशमन सेवाओं को महिलाओं के लिए खोलने और शीर्ष प्रशासनिक पदों पर महिला अधिकारियों की बढ़ती उपस्थिति पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने युवा महिलाओं से राजनीति में प्रवेश करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र और प्रगतिशील पंजाब तभी संभव है, जब सार्वजनिक नीति और नेतृत्व को आकार देने में महिलाएं केंद्रीय भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा, " हमारी सरकार ने कई महिला अधिकारियों को उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस कप्तान के रूप में नियुक्त किया है। जिन जिलों की कमान महिला उपायुक्त के हाथ में है, वहां कन्या भ्रूण हत्या की दर सबसे कम है, जो बेहद उत्साहजनक है।"मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंजाब देश का पहला राज्य होगा, जहां लड़कियां अग्निशमन सेवाओं का हिस्सा बनेंगी। उन्होंने लड़कियों की मांग पर इस सेवा में शामिल होने के लिए लगी कठिन और अव्यावहारिक शर्तों में ढील दी है। उन्होंने कहा कि महान सिख दर्शन महिलाओं के लिए सम्मान, गरिमा और समानता पर जोर देता है।
समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली लड़कियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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