चंडीगढ़ , जून 01 -- मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव विभाग के सेवा नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गयी।

इस फैसले से चुनावी मशीनरी को मजबूत करने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को सुचारु ढंग से संपन्न कराने तथा विभाग में लंबे समय से खाली पड़े महत्वपूर्ण पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल ने चुनाव विभाग में चुनाव कानूनगो से चुनाव तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने को मंजूरी दी है। बताया गया कि विभाग में चुनाव तहसीलदार के सात पद लंबे समय से रिक्त हैं। वर्तमान में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान तथा आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इन पदों को भरना आवश्यक हो गया था। मौजूदा नियमों के तहत 15 वर्ष का अनुभव अनिवार्य होने के कारण कोई भी कार्यरत चुनाव कानूनगो पदोन्नति के लिए पात्र नहीं था। नये संशोधन के बाद योग्य अधिकारियों को पदोन्नत कर रिक्त पदों को भरा जा सकेगा, जिससे चुनाव संबंधी कार्यों में तेजी आएगी।

मंत्रिमंडल ने बैठक के दौरान जल संसाधन विभाग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को भी स्वीकृति प्रदान की। सरकार के अनुसार, इस रिपोर्ट को मंजूरी मिलने से विभाग के वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान किये गये कार्यों, उपलब्धियों और प्रशासनिक गतिविधियों का दस्तावेजीकरण तथा मूल्यांकन करने में सुविधा होगी। सरकार ने कहा कि दोनों फैसले प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभिन्न विभागों के कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने कीदिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

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