चंडीगढ़ , सितंबर 27 -- पंजाब सरकार ने राज्य के 3,763 अनुसूचित जाति (एससी) बहुल गांवों को 'मॉडल गांव' के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की है।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने रविवार को बताया कि योजना के तहत पहले चरण मेंराज्य के सभी उपायुक्तों को विकास कार्यों के लिए 201 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं।
उनके अनुसार, इन गांवों में 40 प्रतिशत या उससे अधिक अनुसूचित जाति आबादी वाले गांव शामिल हैं। जारी राशि का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार आगे भी चरणबद्ध तरीके से धनराशि जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन व्यवस्था, सौर स्ट्रीट लाइट लगाने, आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करने तथा शौचालयों के निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्य किये जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे गांवों में स्वच्छता, पर्यावरण, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।
डॉ कौर ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना नहीं, बल्कि ग्रामीण आबादी के जीवन स्तर में सुधार करना भी है। उन्होंने कहा कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित ग्रामीण परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 201 करोड़ रुपये की राशि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का पहला चरण है और सभी चिह्नित 3,763 गांवों के समग्र विकास के लिए जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता चरणबद्ध ढंग से जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक न्याय, समानता और समावेशी विकास के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।
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