चंडीगढ़ , सितंबर 9 -- पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि पंजाब की संस्कृति दुखद घटनाओं पर राजनीतिक लाभ लेने की इजाजत नहीं देती और प्रदेश भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव तथा 'सरबत के भले' में विश्वास रखता है।
दिड़बा में गुलजार सिंह की मौत को लेकर श्री गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पीड़ित परिवार तथा स्थानीय लोगों की भावनाओं को समझने के बजाय घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
श्री गोयल ने कहा कि श्री गांधी दिल्ली में बैठकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक बयान देने के बजाय संबंधित गांव में जाकर लोगों से बात करें और जमीनी स्थिति को समझें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का दावा करने वाली कांग्रेस को अपने शासनकाल के रिकॉर्ड का भी जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्ष 2017 में चार सप्ताह में पंजाब से नशा खत्म करने का वादा कर सत्ता में आई थी और उसके बाद पांच वर्षों तक उसकी सरकार रही। उन्होंने सवाल किया कि उस दौरान नशे की समस्या के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाये गये।
श्री गोयल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार ने पंजाब में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है और इसके परिणाम जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की मौजूदा समस्या पिछली कांग्रेस तथा अकाली-भाजपा सरकारों की नीतियों का परिणाम है, जबकि मौजूदा सरकार इसे समाप्त करने के लिए काम कर रही है।गुलजार सिंह की मौत का जिक्र करते हुए श्री गोयल ने कहा कि पीड़ित परिवार ने अपनी इच्छा के अनुसार अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद विपक्षी नेता मौके पर पहुंचे और घटना को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। उनके अनुसार, स्थानीय लोगों ने नेताओं की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी समिति बना ली है और मामले को स्वयं संभालेंगे।
श्री गोयल ने कहा कि पंजाब में किसी भी दुखद घटना को राजनीतिक विवाद में बदलने के बजाय संवेदनशीलता के साथ मामले की वास्तविक परिस्थितियों को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब की परंपरा आपसी भाईचारे और सभी के कल्याण की रही है। उन्होंने कहा कि श्री गांधी को पंजाब आकर संबंधित गांव में लोगों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठकर सोशल मीडिया पर बयान देने से जमीनी वास्तविकता का सही आकलन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पंजाब में कोई घटना होने पर विभिन्न दलों के नेता राजनीतिक मुद्दा बनाने के लिए वहां पहुंच जाते हैं। पंजाब के लोग ऐसी राजनीति को पसंद नहीं करते और प्रदेश शांति, भाईचारे तथा 'सरबत के भले' की भावना में विश्वास करता है।
श्री गोयल ने दोहराया कि आप के किसी मंत्री या विधायक का इस घटना से कोई संबंध नहीं है और विपक्ष को मामले में राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी और पंजाब को नशामुक्त बनाने के प्रयास किये जाएंगे।
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