मलोट , अगस्त 26 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को मलोट में 'पंजाब बचाओ' अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और 'वारिस पंजाब दे' पर तीखे हमले किये।

श्री बादल ने कहा कि 1980 के दशक में पंजाब की शांति को तबाह करने वाली ताकतें अब धार्मिक सिखों का रूप धारण कर फिर सक्रिय हो गयी हैं। उन्होंने कहा कि वह 'सरबत दा भला', शांति और सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा के लिए किसी भी कुर्बानी से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि संत हरचंद सिंह लोंगोवाल और भाई शमिंदर सिंह की हत्या तथा गुरचरण सिंह टोहरा पर हमले के लिए जिम्मेदार ताकतें फिर सक्रिय हो रही हैं। उन्होंने लोगों से ऐसी ताकतों को पहचानकर एकजुट होने की अपील की।

श्री बादल ने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य पंजाब की एकमात्र क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एजेंसियों और दिल्ली की पार्टियों के इशारे पर पंजाब की राजनीति से शिअद को हटाने का प्रयास कर रहे हैं।

शिअद अध्यक्ष ने अमृतपाल सिंह पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह पंजाब को फिर 1980 के दशक की ओर ले जाना चाहते हैं, जब लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। उन्होंने अमृतपाल के अतीत और उनकी गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब को ऐसी राजनीति से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति नशे के खिलाफ जागरूकता की बात करता है, उसके अपने भाई से जुड़े नशे के आरोपों पर भी सवाल उठते हैं।

श्री बादल ने वारिस पंजाब दे के कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह हरिनौ की हत्या की कथित साजिश से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया।

श्री बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान श्री दरबार साहिब पर हुए हमले और 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए जिम्मेदार लोगों से भी सवाल किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने श्री दरबार साहिब के आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, विरासत-ए-खालसा, घल्लूघारा और बंदा बहादुर स्मारक स्थापित किए तथा दुर्गियाना मंदिर और रामतीर्थ स्थल के विकास में भी योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में कांग्रेस और आप सरकारों के दौरान बेअदबी के करीब 600 मामले सामने आए हैं और इनमें बादल परिवार या शिअद के किसी नेता को आरोपी नहीं बनाया गया, फिर भी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

श्री बादल ने अगली शिअद सरकार बनने पर गरीब और वंचित वर्गों के लिए कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शादी के लिए दी जाने वाली शगुन राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये की जाएगी। उन्होंने 'आटा-दाल' योजना के तहत मिलने वाले आटे की मात्रा बढ़ाकर 50 किलोग्राम करने का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि स्नातक स्तर तक सभी विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी और निजी स्कूलों तथा कॉलेजों में गरीब विद्यार्थियों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी।

रैली को वरिष्ठ शिअद नेता बलविंदर सिंह भुंदर और अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।

श्री बादल ने हलका प्रभारी हरप्रीत सिंह कोटभाई को बड़ी जनसभा आयोजित करने के लिए बधाई दी और रैली में मोटरसाइकिलों पर पहुंचे युवाओं का आभार व्यक्त किया।

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